KHOJ

Loading

रविवार, 15 जुलाई 2012

चलो फिर से अजनबी बन जाएँ

चलो फिर से अजनबी बन जाएँ,
न तू मुझे याद करे-न तू मुझे  याद आयें 
ऐसा दिन कभी तो आये, 
फिर से रिश्ते ये नये बनाये
भूल के बातें पुरानी सारी,
इस पल में नयी दुनिया बसाए
फिर से मिले जो हम दोनों,
और एक दूजे को न पहचान पाए
फिर से हो वो पहचान हमारी, 
फिर दोस्ती करे हम और प्यार में खो जाए
भूल कर दुनिया सारी,
जो हो न सका था पहली उस मुलाकात में, 
शायद वो अगली अनजान मुलाकात में हो जाए 
चलो फिर से अजनबी बन जाए.......

किस्से बीते हमारे सारे,
यादों का भी ठिकाना भूलें
बिसरे सारी गलती हमारी
यादो को बनाये फिर से,
जिसमे हो बातें प्यारी प्यारी 
जुदाई की भी मजबूरी न हो
दिलो में हमारे दूरी न हो 
कुछ इस तरह हम अगर फिर मिल जाए 
 पहले इस से चलो एक बार फिर से
एक दूसरे   के लिए अजनबी कहलायें 
चलो फिर से अजनबी बन जाएँ,
न तू मुझे याद करे-न तू मुझे  याद आयें !!!

क्रमश:.........


Reactions:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

comments

 
Design by Free WordPress Themes | Bloggerized by Lasantha - Premium Blogger Themes |