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मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012

आवर्तिकाए : ४


"मेरी और आवर्त की कुछ बातें जिनमे न छंद है
न ही लय न ताल है
बस जिन्दगी से जुड़े कुछ सवाल है
इन्ही बातो को मैंने नाम दिया है आवर्तिकाए" 


काश दो घूट "पीने" से ...."आवर्त"
दिल का गम वाकई में कम हो जाता...


कुछ उम्मीद ज़िन्दगी से हमने की ..."आवर्त"
और कुछ ज़िन्दगी ने हमसे की ..................
दोनों के पूरे होने का इंतज़ार है बस ...


हसी तो २रो पर आती  है ..."आवर्त"
लेकिन
रोना खुद पर आता है .....
जिस दिन सीख लिया हसना खुद पर
और रोना २रे के लिए ......ज़िन्दगी बदल सी जाएगी

लफजो के भाव से नहीं ......"आवर्त"
उनको बयाँ करने के तरीके से फर्क पड़ता है  ....

ख्वाब को छूने का एहसास ही इतना मदहोश कर गया "आवर्त"
की अब हाथ से छूटने के बाद भी उसका सुरूर छाया है !!! :)


"आवर्त"
कोसा भी भगवान् को .....पूजा भी भगवान् को

कब तक यु शर्म का नकाब ओड़ता फिरू
इस बेशर्म से मिजाज पर ........."आवर्त"
अब तो आइना भी कर डालता   है सवाल कई ?????

कुछ हसीं पलो की दास्तान है ज़िन्दगी ....
इन पलो के बिना खामखा है ज़िन्दगी .............:)

कुछ अधूरा है आजकल ..."आवर्त "
और दोस्त मेरे , मुझसे दूर है ......

जैसे तेरा हाल .....वैसा ही उसका हाल .."आवर्त"
बस बयाँ करके बेहाल नहीं होना चाहते .... न वो न तू ..

छोटे-छोटे ":)" के पलों में जिंदगी हमारी है ..."आवर्त"
एक गुजरा अभी-अभी अगले की बारी है ......"so always keep :)"

उनकी नींद ज्यादा कीमती है .......
रातो को जग-जग कर......"आवर्त"
जिनका इंतज़ार तुम किया करते हो .......

पिंजरे से छूटते ही ... पंख फैला, उड़ने की छह को रोक न सका वो ..."आवर्त"
जमीं से टकराकर ही , हुआ एहसास उसे ...
"इक नयी शुरुआत चाहिए होती है , बन्धनों से उबरने में"..........



अबेर नि हुन्दी राती बीतन माँ ......"आवर्त" भेजी
अबेर ता हुन्दी च सुबर जागन माँ ...............

(Night never take so long to go...."Avart" Bro
it's U who takes long to wake up...........)

देर नहीं लगाती रातें बीत जाने में ....
तुम देर लगा देते हो जाग जाने में ........"आवर्त"




Be Better Than Past Lesser than Future.......Dude "Aavart"
This is How "THE LIFE" makes u mature........
बीते हुए से बेहतर भविष्यता के निर्माण में ....
"आवर्त"...लगा है तो जिंदगी तेरे साथ चलती है ....

ब्याली जू देखि छो भोल नि रौन वेण ....भुला "आवर्त"
स्य ज़िन्दगी तनी चलनी राली तयार निर्माण मा .......




माया तू लुकांदी जा ....ल्वाला "आवर्त"
आणखी तेरी बच्यान्दी च ......

Keep HIDING your LOVE........"Aavart"
Your EYES speaks More Than "U"

कब तक छुपाओगे ये प्रेम भाव ...."आवर्त"
कुछ है जो पढ़ लेते है तेरी आँखों को .....


ये  तो बस शुरुआत  है  "आवर्त"
बातें तो हमारी चलती रहती है ..............चलती रहेंगी .....  क्रमश : 


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